जहाँ में अगर बेवफाई ना होती
तो शायर ग़ज़ल और रुबाई न होती
ना होते फसाने ना कत्ल ऐ नजर
यह दुनिया ना होती खुदाई ना होती
ख़ुद ही सोचो की कैसे चलती यह दुनिया
वफा रब ने दिल में जगाई ना होती
तो मैखाने में हम जाते ही क्यों क्र
तेरी याद हम को जो आई ना होती
मज़ा क्या था बोलो मुलाक़ात का
अमन इश्क में जग हंसाई ना होती
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phadu!!
ReplyDeletemast hai sir!!!!!!
ReplyDeletebhai itni si bat me bhut kuch kah gye tum...
ReplyDeletecry on dear......